“Successfully completed the initiative for Metro Braille smart card. Hope this will lead to a betterment of the society”



LucknowMetro

“We are totally thrilled and over enthusiastic to state that Meet Welfare Foundation along with the authorities of #UPMRC is launching the most anticipated initiative which was pending since long time and that is the commencement and inauguration of India’s First Braille smart cards today. With this special initiative we are hereby distributing free Braille smart cards to the visually impaired people. This achievement has already given us a lot of strength and courage to see ourselves as creating Braille smart cards in all the metropolitan cities and hopefully we will surely do, Meet Welfare Foundation is not just limited ti Braille smart cards but it is also very much keen to built Braille corridors for the convenience of visually impaired people. Hope, this will set a huge impact in our society and emerge as one of the great work for these beautiful creatures.”



“अगर क़ुदरत किसी से कुछ लेती है तो उसका से कई गुना ज्यादा वापिस भी कर देती है। ईश्वर ने अगर हमारे कुछ भाई बहनो से कुछ लिया है तो अहसास की दौलत की शक्ल में कई गुना वापस भी किया है। नेत्रो के बजाए दिल से देखने वाले हमारे सभी भाई बहनो के लिए, रोहित मीत जी की ये कोशिश वाक़ई सराहनीय है। मुझे गर्व का अहसास हो रहा है कि मेरी ग़ज़लों को अहसास की रौशनी से मालामाल नए पाठक मिल रहे है। भगवान ईश्वर अल्लाह वाहे गुरु हम सभी को मिल जुल के एक दूसरे के साथ खुशियाँ और दुख बांटने की समर्थता दे। आमीन”



मो. फ़य्याज़ फारूकी

IPS IG CRIME, PUNJAB POLICE

“ये संस्था समाज के लिये और खास कर ब्लाइंड लोगों के लिये ब्रेल लिपि में साहित्य निःशुल्क पंहुचा रही है l ये एक बड़ा नेक और महान कार्य है मेरी शुभकामना मीत वेलफेयर फाउंडेशन की पूरी टीम के साथ है l”



प्रदीप अली

ग़ज़ल गायक

“‘नेत्रहीन को नैन दिला प्रभु’
मीत वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा  उत्तम समाज सेवा हो रही है I
भगवान आपको बल दे ….”



पदमश्री अनूप जलोटा

भजन सम्राट

“रोहित कुमार ‘मीत’ इस राह में एक नया क़दम ये उठा रहें हैं कि वो ब्लाइंड लोगों के लिये ग़ज़लों की किताब ब्रेल लिपि में प्रकाशित की है जो ऐतिहासिक क़दम कहा जा सकता है I मुझे पूरी उम्मीद है कि ये कई मंज़िलों को छुएगा I मैं तहे दिल से दुआ करता हूँ कि वो इस राह में कामयाब हों I”



इब्राहिम अश्क

शायर, गीतकार

“ब्रेल में ग़ज़लों का संग्रह प्रकाशित करना से बहुत ही क़ाबिले तारीफ काम है मेरी जानकारी के मुताबिक ब्रेल में ज़्यादातर स्कूल और कॉलेजों की पढाई-लिखाई से जुडी किताबें ही छपती हैं l
शेरों शायरी पर सबका बराबर हक़ है और मुझे ख़ुशी है की हमारे वो भाई बहन जो आँखों की रौशनी से महरूम हैं उन्हें भी उनका हक़ इस किताब के ज़रिये मिलेगा l”



चंदन दास

ग़ज़ल गायक

“मुझे ये जानकर बेहद ख़ुशी हुई कि जो आँखों कि रौशनी से महरूम हैं उनके लिए इस किताब को ‘ब्रेल लिपि’ में भी छाप कर नाबीना लोगों तक पंहुचा रहे हैं l इस संस्था कि वजह से मेरी शायरी भी उन लोगों तक पहुंचेगी जो आँखों से तो नहीं देख पाते लेकिन दिल की आँखों से, उँगलियों की आँखों से देख सकते हैं l
मेरी तरफ से इस संस्था को बहुत बहुत मुबारकबाद l”



डॉ० राहत इंदौरी

महाकवि

“मुझे ये जानकर बेहद ख़ुशी हुई कि जो आँखों कि रौशनी से महरूम हैं उनके लिए इस किताब को ‘ब्रेल लिपि’ में भी छाप कर नाबीना लोगों तक पंहुचा रहे हैं l इस संस्था कि वजह से मेरी शायरी भी उन लोगों तक पहुंचेगी जो आँखों से तो नहीं देख पाते लेकिन दिल की आँखों से, उँगलियों की आँखों से देख सकते हैं l
मेरी तरफ से इस संस्था को बहुत बहुत मुबारकबाद l”



डॉ कलीम क़ैसर

सुप्रसिद्ध शायर

“दुनिया में ऐसे लोग कम हैं जो हर उस चीज़ और हर उस शख्स का ख्याल करें जिसमें अल्लाह की तरफ से बज़ाहिर कमी रखी गयी हो, लेकिन आम इंसान से ज़्यादा उसके अंदर अक्ल, समझ और खूबसूरत सोच रख दी हो l ऐसे ही बहोत आला काम करने की कामयाब कोशिश ये संस्था कर रही है l ब्रेल तहरीर में निकाल कर मेरी ग़ज़ल को भी उन लोगों तक पंहुचा रही है जो अल्लाह के बहोत खास बन्दे हैं l
मुझे बहोत ख़ुशी है और इस बात का इंतज़ार भी रहेगा कि ये लोग अपनी पसंद और नापसंद का इज़हार मुझ तक ज़रूर पहुचायेंगे l मैं इस कोशिश के लिए उन तमाम लोगों को मुबारकबाद देता हूँ और बहोत ममनून हूँ कि मेरी ग़ज़लें इस कारवां में शामिल हैं l
आपकी कोशिश यक़ीनन ब्रेल तहरीर के ज़रिये पढ़ने वालों के लिए एक नायब तोहफा होगी l
मेरी नेक ख़्वाहिशात और दिली दुवाएं आपकी पूरी टीम के साथ है l”



पदमश्री डॉ० बशीर बद्र

महाकवि

“मुझे बेहद ख़ुशी हुई की रोहित मीत ने एक बड़े कारनामे को अंजाम दिया है आपके द्वारा ब्रेल लिपि में ग़ज़लों को प्रकाशन किया जा रहा है l एक संग्रह को ब्रेल में लाना ये बड़ा मुश्किल कार्य था l मुश्किल होते हुए भी इस संग्रह को दृष्टिबाधितों के सामने ला रहे हैं l
मेरी दिली दुवायें, शुभकामनाएं इनके एवं इनकी संस्था के साथ है l खुदा इनको सफलता की मंज़िल से एक किनार कराये l”



पदमश्री बेकल उत्साही

महाकवि

“मुझे बेहद ख़ुशी हुई की रोहित मीत ने एक बड़े कारनामे को अंजाम दिया है आपके द्वारा ब्रेल लिपि में ग़ज़लों को प्रकाशन किया जा रहा है l एक संग्रह को ब्रेल में लाना ये बड़ा मुश्किल कार्य था l मुश्किल होते हुए भी इस संग्रह को दृष्टिबाधितों के सामने ला रहे हैं l
मेरी दिली दुवायें, शुभकामनाएं इनके एवं इनकी संस्था के साथ है l खुदा इइस संस्था के द्वारा नेत्रहीन के लिए ब्रेल लिपि में यह साहित्य प्रकाशित किया जा रहा है l मैं अपनी हार्दिक शुभ कामनाये दे रहा हूँ इस पुस्तक के द्वारा नेत्रहीन लोगों का बहोत कल्याण होगा , ये सामाजिक परोपकार का एक पुण्यकर्म है और इससे अधिक से अधिक लोगों को जुड़ना चाहिए l”



पद्मभूषण गोपालदास ‘ नीरज ‘

महाकवि

“मुबारक हैं वो लोग जो मुख्तलिफ हवालों से ख़ल्के-ए-खुदा की ख़िदमतगुज़ारी को अपनी ज़िन्दगी का मिशन बनाए हुए हैं और चाहते हैं कि शेर-ओ-अदब की मिठास उन एक को भी पहुंच जाये जिन्हें कुदरत ने समाअत और बिनाई से महरूम कर दिया है l
शेर-ओ-शायरी से न सिर्फ ज़िन्दगी में तवाजुन पैदा होता है बल्कि ख़ुशी और मसर्रत के चंद लम्हात भी हम को मिल जाते हैं l वो लोग जो अभी इस नेअमत से महरूम हैं उन तक शेर-ओ-अदब की रौशनी पहुँचाना एक बेहद अहम काम है”



प्रोफेसर मलिकज़ादा मंज़ूर अहमद

महाकवि